धनतेरस हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है। यह दीपावली महोत्सव की शुरुआत का प्रतीक है और कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है।
धनतेरस का महत्व
- धन और समृद्धि का पर्व – इस दिन लोग धन (संपत्ति), सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए भगवान धन्वंतरि, देवी लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करते हैं।
- भगवान धन्वंतरि की जयंती – माना जाता है कि इस दिन समुद्र मंथन से आयुर्वेद के देवता धन्वंतरि अमृत कलश और औषधियों के साथ प्रकट हुए थे। इसलिए, इस दिन स्वास्थ्य से जुड़ी चीजें खरीदना शुभ माना जाता है।
- नए सामान खरीदने की परंपरा – इस दिन सोना, चांदी, बर्तन, गहने और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने को शुभ माना जाता है, जिससे धन और समृद्धि बनी रहती है।
- यम दीपदान – इस दिन मृत्यु के देवता यमराज के नाम पर दीप जलाने की परंपरा है, जिससे अकाल मृत्यु का भय टलता है।
- व्यापारियों के लिए विशेष दिन – व्यापारी इस दिन को अपने नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के रूप में भी मानते हैं और नए खाता-बही (लेजर) की पूजा करते हैं।
धनतेरस पर क्या करें?
- शाम को भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करें।
- घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाएं और रंगोली बनाएं।
- सोना-चांदी, बर्तन या नए सामान खरीदें।
- यमराज के लिए घर के बाहर दक्षिण दिशा में दीप जलाएं।
धनतेरस से जुड़े कुछ लोकविश्वास
- इस दिन झाड़ू खरीदना भी शुभ माना जाता है, जिससे घर में लक्ष्मी का वास होता है।
- पुराने खराब बर्तन बेचकर नए बर्तन खरीदना नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
- शाम के समय तेल का दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
निष्कर्ष
धनतेरस धन, स्वास्थ्य और समृद्धि का पर्व है। यह दिन हमें धन की बचत, अच्छे स्वास्थ्य और धार्मिकता की सीख भी देता है।
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