लड्डू गोपाल, जो कि बाल स्वरूप श्रीकृष्ण हैं, उनकी पूजा विधि बहुत सरल और भक्तिपूर्ण होती है। लड्डू गोपाल की पूजा का प्रारंभ निम्नलिखित विधि से किया जा सकता है:
1. स्नान कराएं: सबसे पहले लड्डू गोपाल को स्नान कराएं। इसके लिए गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, और शक्कर से पंचामृत स्नान कराएं। फिर स्वच्छ जल से स्नान कराएं और वस्त्र पहनाएं।
2. वस्त्र और आभूषण पहनाएं: लड्डू गोपाल को नए वस्त्र पहनाएं और आभूषणों से सजाएं। आप उन्हें मुकुट, माला, बांसुरी आदि पहनाकर सजाते हैं।
3. आसन पर विराजमान करें: लड्डू गोपाल को एक स्वच्छ स्थान पर आसन पर स्थापित करें। आसन में कपड़ा बिछाएं और उस पर लड्डू गोपाल को विराजमान करें।
4. दीप जलाएं: शुद्ध घी का दीपक जलाएं और अगरबत्ती लगाएं। दीपक जलाते समय ध्यान रखें कि दीपक से धूप का प्रसार भगवान के समक्ष हो।
5. चरणामृत और भोग अर्पित करें: लड्डू गोपाल को ताजे फल, मिठाई और विशेष रूप से माखन-मिश्री का भोग अर्पित करें। चरणामृत के रूप में पंचामृत भी रख सकते हैं।
6. ध्यान और आरती करें: लड्डू गोपाल का ध्यान करें और मन से उनकी स्तुति करें। आरती करें और आरती में भजन या मंत्रों का उच्चारण करें।
7. प्रसाद वितरण: पूजा के अंत में भगवान को भोग लगाकर प्रसाद को सभी में बांटें। पूजा के बाद लड्डू गोपाल को विश्राम दें और उनके पास दीपक बुझाकर शांत माहौल बनाएं।
इस प्रकार लड्डू गोपाल की पूजा का प्रारंभ किया जाता है, जिसमें सरलता और शुद्ध भक्ति का विशेष महत्त्व है।
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