दिवाली त्योहार में लक्ष्मी जी की पूजा क्यों होती है

दिवाली में लक्ष्मी जी की पूजा इसलिए की जाती है क्योंकि लक्ष्मी जी को धन, समृद्धि और वैभव की देवी माना जाता है। दिवाली का त्योहार, विशेष रूप से अमावस्या की रात (जब चांद नहीं होता), इस विश्वास के साथ मनाया जाता है कि लक्ष्मी जी पृथ्वी पर आती हैं और अपने भक्तों पर कृपा करती हैं।

प्रमुख कारण:

1. धन की देवी: लक्ष्मी जी धन और संपत्ति की देवी हैं। दिवाली का समय नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है, इसलिए लोग अपने घरों और व्यापारों में लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं ताकि आने वाला वर्ष आर्थिक रूप से समृद्ध हो।


2. समृद्धि और खुशहाली: दिवाली का उत्सव अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक है। लक्ष्मी पूजा के दौरान लोग प्रार्थना करते हैं कि उनके घर में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहे।



3. साफ-सफाई का महत्व: ऐसा माना जाता है कि लक्ष्मी जी स्वच्छ और सुंदर स्थानों पर निवास करती हैं। इसलिए दिवाली से पहले घर की साफ-सफाई की जाती है और उसे सजाया जाता है ताकि देवी लक्ष्मी प्रसन्न हों और घर में स्थायी रूप से वास करें।


4. व्यापारिक वर्ष का समापन: व्यापारियों के लिए दिवाली का समय नए खाते शुरू करने और पुराने साल को समेटने का समय होता है। लक्ष्मी जी की पूजा करते हुए वे अपने व्यवसाय में उन्नति की कामना करते हैं।



इन सब कारणों से दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा विशेष महत्व रखती है और यह समृद्धि, शांति और सुख का प्रतीक है।

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