दिल्ली के सर्वप्रथम तबला वादक उस्ताद सिद्धार्थ खान के दो पत्र उस्ताद मोदी खान तथा उस्ताद बकसू खान दिल्ली के नवाबों द्वारा लखनऊ के नवाबों के दरबार में भेज दिए गए वहां पर रहकर इन दोनों ने एक अलग घराने की नहीं डाली इन्हीं लोगों के वश में मामू खान साहब नाम की एक प्रसिद्ध तब लिए हुए उन्हें परिवार में मोहम्मद खान के दोनों पुत्र उस्ताद मुन्नी का तथा उस्ताद आदमी हुसैन खान अधिक योग के बड़े तबला वादकों में से हो गए हैं उस्ताद आबिद हुसैन नृत्य के साथ संगति करने में बड़े पदों थे और वह पूर्व घर आने के खलीफा कहलाए खलीफा मने खाकर पुत्र जब वाजिद हुसैन थे और पत्र से हुसैन अच्छे तक दिए थे आबिद हुसैन खान के शिष्यों में बनारस के प्रसिद्ध तबला वादक सरगी पंडित वीरू मिश्रा कलकत्ते किसी हीरेंद्र गांगुली तथा इंदौर के सर्दी जहांगीर खान साहब देखनी है इन घराने की वंश तालिका इस तरह है उस्ताद मधु खान के पात्र उस्ताद सिद्धार्थ का अवसाद बकसूखा के वंशज है उस्ताद मोहम्मद का उस्ताद मोहम्मद खान के पुत्र हैं उस्ताद उस्ताद मुन्नी खान के पुत्र का नाम है उस्ताद वाजिद हुसैन खान उस्ताद वाजिद हुसैन खान के पुत्र का नाम है स्वर्गीय हुसैन खान असर के अफसर हुसैन के पुत्र का नाम इलमास खान वही आबिद हुसैन कैसे इसका नाम है पंडित वीरू मिश्रा पंडित वीरू इसके शिष्य का नाम है सी हीरेंद्र गांगुली श्री हीरेंद्र गांगुली कि शिष्य का नाम है उस्ताद जहांगीर खान जो इंदौर के थे
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