झूठ

मेरे दोस्तों आज मैं झूठ पर चर्चा करूंगी हां झूठ ऐसी चीज है जो सब बोलता है लेकिन कभी कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए क्योंकि वह सकता झूठ बोलने से रिश्ते बिगड़ जाए लेकिन यह है कि मेरी एक आदत है कि मैं झूठ उतना ही बोलती हूं जितना हमें अच्छा लगता है उससे ज्यादा झूठ नहीं बोलते झूठ लगभग सभी इंसान बोलता है लेकिन एक सीमा तक ही झूठ बोलना चाहिए कभी-कभी झूठ से बहुत ही नुकसान हो जाता है मुझे ऐसा लगता है जो आपको प्यार करें उसे आप झूठ बोलिए पर कुछ देर के लिए फिर आप उनसे इमानदारी से सच बोल दीजिए तो झूठ सच में बदल जाता हैकभी-कभी इंसान झूठ नहीं बोलता है फिर भी लोग उन्हें कह देते हैं कि तुम खुद बोल रहे हैं तब उसे बहुत ही गुस्सा आता है उसे लगता है कि इससे अच्छा मैं झूठ ही बोलता तो ज्यादा अच्छा था क्योंकि सही बोलने से तो है जल्दी कोई मानता नहीं है लेकिन झूठ झूठ होता और सच सच ही होता है वह सच बोल रहा है इंसान तो कभी ना कभी उसका सच सामने आ ही जाता है भलेसा उसको सच सामने आने में टाइम लगेगा ही जाता है इसलिए कोशिश करना पड़े बोलने से आत्मा को शांति दे और भी खुश रहता है सच के साथ भी होता है धन्यवाद

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